भरखा जल प्रपात ओर लिखिदांत शैलचित्र (भरखा धाम)
मुंगावली जिला अशोक नगर मध्यप्रदेश मेंरा घर
आधुनिकता से दूर प्रकृति की गोद में बसा अत्यंत रमणीय स्थल भरखा जलप्रपात अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और मनोरम दृश्य के कारण इन दिनों काफी चर्चा में हैं यहां आए दिन आसपास के शहरों के युवा इस प्राकृतिक झरने का लुत्फ उठाने आ रहे हैं। यह स्थल प्राकृतिक के साथ-साथ शैल चित्रकला के लिए भी बहुत धनी क्षेत्र है।
बेतवा की सहायक ओर नदी घाटी को देखकर यहां शैल चित्रों के होने की संभावना को प्रकट करते हुए मैंने भीमबेटिका के शैलचित्रों को जैसे ही गाय चराने वाले एक नवयुवक को दिखाया वह तुरंत इन्हें पहचान गया और उसने पूर्व दिशा की और लाल रंग से बने चित्रों की बात हमें बताई। चरवाहों से पूछ पूछ कर घुमक्कड़ी का आनंद लेते हुए मैं और मित्र 👉उमेश कुशवाह एक ऐसे स्थल पर पहुंच गए जहां हमें मिला शैल चित्रों का जखीरा जो हजारों वर्ष पहले के जीवन का सजीव चित्रण प्रदर्शित करता है।यहां गाय,बैल,बकरी, बारहसिंगा,पक्षी,स्त्री पुरुषों का स्वतंत्र अंकन तथा यहां पशुओं का चित्रण स्वाभाविक एवम यथार्थ ढंग से किया गया है।
स्थानीय लोग इस स्थल को लिखीदांत कहकर संबोधित करते हैं, वह बताते हैं कि इन चित्रों को देखने कई अंग्रेज लोग(विदेशी शोधकर्ता) इस स्थान पर आते हैं हालांकि पर्यावरण प्रदूषण,इंसानी हस्तक्षेप,लंबे समय के कारण यहां कई शैल चित्र धुंधले हो चुके हैं परंतु यह बहुत ही शानदार जगह है जहां थोड़ी मशक्कत के बाद पहुंचा जा सकता है इस यात्रा पर आए सभी साथियों का बहुत-बहुत धन्यवाद
👉कैसे पहुंचें - मुंगावली और चंदेरी से यह स्थल क्रमशः 35,30 कि.मी दूर है। जहाँ ग्राम अररोंन- नानॉन होते हुए पहुंचा जा सकता है और भरखा झरने से 4km(पैदल) पूर्व दिशा में नदी के दाएं तट पर लिखिदांत शैलचित्रों तक पहुंच सकते हे
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शैैैैल चित्र



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